थल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
मुरळि धरन के.वी. (BJP) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 38.3% वोट पाकर थल्ली सीट जीती और राजा रेड्डी एस. (CPI) को 6,217 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 75 उथंगरई थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 75 विक्रवांडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुरळि धरन के.वी. NDA | NDA | 36,73838.3% |
| 2 | राजा रेड्डी एस. | 30,52131.8% | |
| 3 | मुनिरेड्डी एन. निर्दलीय | निर्दलीय | 15,22615.9% |
| 4 | मुनि राज एस. | 3,5833.7% | |
| 5 | गौउड़ा एन.एस.एम. | 3,5493.7% | |
| 6 | श्रीनिवासरेड्डी आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4033.5% |
| 7 | नल्लप्पा टी. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4901.6% |
| 8 | कृष्णप्पा पी. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3431.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
थल्ली से कौन जीता, 1977–2006
BJP ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1984 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 58.0% से घटकर 56.7% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1977डी.आर. राजाराम नायुडु (INC), जीत का अंतर 8.5%
- 1980राजाराम नायुडु, डी.आर. (INC(I)), जीत का अंतर 4.8%
- 1984के.वी. वेणुगोपाल (INC), जीत का अंतर 3.3%
- 1989डी.सी. विजयेंद्रय्या (JNP), जीत का अंतर 24.2%
- 1991एम. वेंकटरामरेड्डी (INC), जीत का अंतर 12.5%
- 1996राजा रेड्डी, एस. (CPI), जीत का अंतर 8.2%
- 2001मुरळि धरन के.वी. (BJP), जीत का अंतर 6.5%
- 2006रामचन्द्रन टी. (IND), जीत का अंतर 3.7%