तिरूवन्नामलाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
पिच्चांडी के. (DMK) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 47.8% वोट पाकर तिरूवन्नामलाई सीट जीती और शुनमुगसुंदरम एम. (PMK) को 4,090 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 44 पेरणमल्लूर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 44 अनैकट्टु है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। पिच्चांडी के. 3.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पिच्चांडी के. NDA | NDA | 64,11547.8% |
| 2 | शुनमुगसुंदरम एम. | 60,02544.7% | |
| 3 | सेंथिल कुमार जे. | 3,1402.3% | |
| 4 | मोहन के. निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5181.9% |
| 5 | अलगेसन ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7201.3% |
| 6 | अरुमुगम पी. निर्दलीय | निर्दलीय | 7640.6% |
| 7 | पक्किरी टी. निर्दलीय | निर्दलीय | 6950.5% |
| 8 | अनबलगन जी. निर्दलीय | निर्दलीय | 4940.4% |
| 9 | मुनुसामी एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 4540.3% |
| 10 | थंगसालई सी. निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, PMK और MDMK को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
तिरूवन्नामलाई से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने 1996 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 66.5% से घटकर 47.8% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 66.7% से घटकर 60.1% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी DMK ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977पी.यू. षणमुगम (DMK), जीत का अंतर 1.6%
- 1980नारयणसामि, के. (INC(I)), जीत का अंतर 19.9%
- 1984ए. एस. रवींद्रन (INC), जीत का अंतर 5.5%
- 1989पिच्चांडी, के. (DMK), जीत का अंतर 32.6%
- 1991कन्नन वी. (INC), जीत का अंतर 25.4%
- 1996पिच्चांडी, के. (DMK), जीत का अंतर 42.1%
- 2001पिच्चांडी के. (DMK), जीत का अंतर 3.0%
- 2006पिच्चांडी के. (DMK), जीत का अंतर 8.5%