तिरुचेंदूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
अनिता आर. राधाकृष्णन (ADMK) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 53.0% वोट पाकर तिरुचेंदूर सीट जीती और श्रीमती जेनिफर चन्द्रन एस. (DMK) को 11,193 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 225 सात्तानकुलम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 225 अंबासमुद्रम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनिता आर. राधाकृष्णन Secular Democratic Progressive Front (SDPF) | Secular Democratic Progressive Front (SDPF) | 52,99053.0% |
| 2 | श्रीमती जेनिफर चन्द्रन एस. | 41,79741.8% | |
| 3 | रमेश वी.पी.आर. | 2,6622.7% | |
| 4 | रफीक एम.ज़ेड. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5021.5% |
| 5 | अल्स्टन टी. निर्दलीय | निर्दलीय | 3520.3% |
| 6 | देवराज ए.के. निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.2% |
| 7 | खलील रहुमान एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.1% |
| 8 | मगराजन एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
| 9 | सदाक़तुल्लाह एम.एन. निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 10 | चित्रनाथन टी. निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADMK और DMK को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिरुचेंदूर से कौन जीता, 1977–2006
ADMK ने यह सीट DMK से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह ADMK की पहली जीत थी। यह 1984 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 55.4% से घटकर 52.2% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी ADMK ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977आर. अमृतराज (ADK), जीत का अंतर 1.6%
- 1980केशव आदित्तन, एस. (ADK), जीत का अंतर 1.7%
- 1984सुब्रमणई अंथिथन उर्फ़ सुब्रमण्यन (ADK), जीत का अंतर 2.6%
- 1989कंदासामी, के.पी. (DMK), जीत का अंतर 17.3%
- 1991चेल्लादुरई ए. (ADK), जीत का अंतर 28.7%
- 1996एस. जेनीफर चन्द्रन (DMK), जीत का अंतर 31.0%
- 2001अनिता आर. राधाकृष्णन (ADMK), जीत का अंतर 11.2%
- 2006अनिता आर. राधाकृष्णन (ADMK), जीत का अंतर 12.5%