कडयनल्लूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
सुब्बैया पांडियन एम. (ADMK) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 45.6% वोट पाकर कडयनल्लूर सीट जीती और शाहुल पी.एम. (DMK) को 1,244 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 215 टेनकासी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 215 तिरुचेंदूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कडयनल्लूर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,244 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुब्बैया पांडियन एम. Secular Democratic Progressive Front (SDPF) | Secular Democratic Progressive Front (SDPF) | 48,22045.6% |
| 2 | शाहुल पी.एम. | 46,97644.4% | |
| 3 | पंडारा मुदलियार एस. | 7,3607.0% | |
| 4 | बाथुशाह एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5711.5% |
| 5 | सईद मगथूमे के. निर्दलीय | निर्दलीय | 9180.9% |
| 6 | हमरदीन वी.एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 4090.4% |
| 7 | अब्दुल कादर आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 3680.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADMK, DMK और MDMK को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कडयनल्लूर से कौन जीता, 1977–2006
ADMK ने यह सीट DMK से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह ADMK की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 66.7% से घटकर 60.6% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977एम.एम.ए. रजाक (ADK), जीत का अंतर 7.5%
- 1980शाहुल हमीद ए. (IND), जीत का अंतर 2.5%
- 1984पेरुमल, टी. (ADK), जीत का अंतर 8.3%
- 1989शमसुद्दीन उर्फ़ कदिरवन (DMK), जीत का अंतर 6.7%
- 1991एस. नागूरमीरान (ADK), जीत का अंतर 28.2%
- 1996नैना मुहम्मद, के. (DMK), जीत का अंतर 15.7%
- 2001सुब्बैया पांडियन एम. (ADMK), जीत का अंतर 1.2%
- 2006पीटर अल्फोंस एस. (INC), जीत का अंतर 3.6%