ओट्टपिडारमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
शिवपेरुमल ए. (ADMK) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 43.3% वोट पाकर ओट्टपिडारम सीट जीती और कृष्णसामी डॉ. के. (PT) को 651 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 211 ओट्टपिडारम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 211 रामानाथपुरम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
ओट्टपिडारम का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 651 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिवपेरुमल ए. Secular Democratic Progressive Front (SDPF) | Secular Democratic Progressive Front (SDPF) | 39,35043.3% |
| 2 | कृष्णसामी डॉ. के. PT | PT | 38,69942.6% |
| 3 | गुरुसामी कृष्णन आर. | 8,4519.3% | |
| 4 | पशुपति सी. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6941.9% |
| 5 | मुरुगन के. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1631.3% |
| 6 | कल्याणी श्रीमती पी. निर्दलीय | निर्दलीय | 5970.7% |
| 7 | पलानीचामी एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 5380.6% |
| 8 | नैनार ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 3800.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADMK, PT और MDMK को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ओट्टपिडारम से कौन जीता, 1977–2006
ADMK ने यह सीट JP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह ADMK की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 64.9% से घटकर 63.4% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी ADMK ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977ओ.एस. वेलुचामी (INC), जीत का अंतर 10.7%
- 1980अप्पादुरई, एम. (CPI), जीत का अंतर 4.2%
- 1984आर.एस. अरुमुगम (INC), जीत का अंतर 37.2%
- 1989एम. मुथैया (DMK), जीत का अंतर 2.2%
- 1991राजमन्नार एस.एक्स. (ADK), जीत का अंतर 34.6%
- 1996कृष्णसामी, के. (JP), जीत का अंतर 1.3%
- 2001शिवपेरुमल ए. (ADMK), जीत का अंतर 0.7%
- 2006मोहन पी. (ADMK), जीत का अंतर 9.6%