कुत्तालमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
नटराजन (ADMK) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर कुत्तालम सीट जीती और कल्याणम पी. (DMK) को 2,644 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 172 वलंगैमान थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 172 पापनाशम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। नटराजन 2.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नटराजन Secular Democratic Progressive Front (SDPF) | Secular Democratic Progressive Front (SDPF) | 55,92148.6% |
| 2 | कल्याणम पी. | 53,27746.3% | |
| 3 | मोहन ए.एस. | 2,0541.8% | |
| 4 | रामदास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5851.4% |
| 5 | सेंथी वासन जी. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0280.9% |
| 6 | धक्षिणामूर्ति एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 8720.8% |
| 7 | अनबलगन निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADMK और DMK को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
कुत्तालम से कौन जीता, 1977–2006
ADMK ने यह सीट DMK से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह ADMK की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 71.5% से घटकर 69.0% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट DMK ने जीती।
- 1977आर. राजमणियम (DMK), जीत का अंतर 10.7%
- 1980राजमणिक्कम, आर. (DMK), जीत का अंतर 13.1%
- 1984पप्पा सुब्रमण्यन (ADK), जीत का अंतर 12.3%
- 1989आर. राजमणिक्कम (DMK), जीत का अंतर 24.9%
- 1991आसैमणि एस. (ADK), जीत का अंतर 21.4%
- 1996कल्याणम कुट्टालम पी. (DMK), जीत का अंतर 22.9%
- 2001नटराजन (ADMK), जीत का अंतर 2.3%
- 2006अनबऴगन के. कुट्टालम (DMK), जीत का अंतर 9.0%