थिरुवेरुम्बूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
शेखरन के.एन. (DMK) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 47.3% वोट पाकर थिरुवेरुम्बूर सीट जीती और रंगराजन टी.के. (CPM) को 10,373 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 168 पुदुक्कोट्टई थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 168 तिरुवारूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शेखरन के.एन. NDA | NDA | 61,25447.3% |
| 2 | रंगराजन टी.के. | 50,88139.3% | |
| 3 | थंगराज एन. | 11,5628.9% | |
| 4 | दुरई के. निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0741.6% |
| 5 | वरदराजन एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 9010.7% |
| 6 | शेखर सी. निर्दलीय | निर्दलीय | 7730.6% |
| 7 | थिरुमणि ई. निर्दलीय | निर्दलीय | 5880.5% |
| 8 | अप्पादुरई टी. निर्दलीय | निर्दलीय | 4090.3% |
| 9 | अनाबलगन एन. निर्दलीय | निर्दलीय | 3000.2% |
| 10 | महालिंगम के. निर्दलीय | निर्दलीय | 2860.2% |
| 11 | रावथरशा एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 2830.2% |
| 12 | रत्नम निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, CPM और MDMK को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थिरुवेरुम्बूर से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने 1996 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 62.6% से घटकर 47.3% रह गया। यह 1984 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 58.6% से घटकर 49.4% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी DMK ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977के.एस. मुरुगेसन (DMK), जीत का अंतर 1.1%
- 1980गुरुसामी उर्फ़ अन्नदासन, एन. (ADK), जीत का अंतर 13.2%
- 1984एम. गुरुस्वामी उर्फ़ अन्नदासन (ADK), जीत का अंतर 4.5%
- 1989पप्पा उमानाथ (CPM), जीत का अंतर 17.7%
- 1991टी. रतिनवेल (ADK), जीत का अंतर 22.8%
- 1996के. दुरई (DMK), जीत का अंतर 37.2%
- 2001शेखरन के.एन. (DMK), जीत का अंतर 8.0%
- 2006शेखरन के.एन. (DMK), जीत का अंतर 13.1%