लालगुडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
बैलान एस.एम. (ADMK) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 47.1% वोट पाकर लालगुडी सीट जीती और नेहरू के.एन. (DMK) को 1,610 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 159 तिरुचिरापल्ली I थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 159 काट्टुमन्नारकोइल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
लालगुडी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,610 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बैलान एस.एम. Secular Democratic Progressive Front (SDPF) | Secular Democratic Progressive Front (SDPF) | 58,28847.1% |
| 2 | नेहरू के.एन. | 56,67845.8% | |
| 3 | अधानम सी. | 4,6653.8% | |
| 4 | स्टीफन पी. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4121.1% |
| 5 | पप्पू आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 9460.8% |
| 6 | अख्तर अली जे. निर्दलीय | निर्दलीय | 8750.7% |
| 7 | मोहनकुमार के. निर्दलीय | निर्दलीय | 5120.4% |
| 8 | गुणसेकरन एस.एन. निर्दलीय | निर्दलीय | 3430.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADMK, DMK और MDMK को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लालगुडी से कौन जीता, 1977–2006
ADMK ने यह सीट DMK से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह ADMK की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 73.5% से घटकर 67.1% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट DMK ने जीती।
- 1977के.एन. षणमुगम (ADK), जीत का अंतर 1.7%
- 1980अन्बिल धर्मलिंगम (DMK), जीत का अंतर 2.8%
- 1984के. वेंकटाचलम (INC), जीत का अंतर 24.5%
- 1989नेहरू के. एन. (DMK), जीत का अंतर 19.6%
- 1991जे. लोगांबाल (INC), जीत का अंतर 11.3%
- 1996के.एन. नेहरू (DMK), जीत का अंतर 48.4%
- 2001बैलान एस.एम. (ADMK), जीत का अंतर 1.3%
- 2006सौंदर पांडियन ए. (DMK), जीत का अंतर 2.7%