थाउज़ेंड लाइट्सविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
स्टालिन एम.के. (DMK) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 51.4% वोट पाकर थाउज़ेंड लाइट्स सीट जीती और शेखर एस. (TMC(M)) को 7,274 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 10 मायलापुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 10 थिरुवोट्टियूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | स्टालिन एम.के. NDA | NDA | 49,05651.4% |
| 2 | शेखर एस. TMC(M) | TMC(M) | 41,78243.8% |
| 3 | मल्लिका श्रीमती | 2,5112.6% | |
| 4 | सैयद फ़सीउद्दीन जी.एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 5390.6% |
| 5 | राजकमल वी. निर्दलीय | निर्दलीय | 4570.5% |
| 6 | हैरी एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 3510.4% |
| 7 | रवि टी.आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.2% |
| 8 | शिवरामन पी. निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.2% |
| 9 | रमेश आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.1% |
| 10 | आनंदरामन ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.1% |
| 11 | गुणसेकरन वी. निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK और TMC(M) को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थाउज़ेंड लाइट्स से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने 1996 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 69.7% से घटकर 51.4% रह गया। यह 1984 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 57.5% से घटकर 45.3% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी DMK ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977एस.जे. सादिक पाशा (DMK), जीत का अंतर 6.8%
- 1980कृष्णसामी, के.ए. (ADK), जीत का अंतर 0.4%
- 1984कृष्णसामी के. ए. (ADK), जीत का अंतर 2.5%
- 1989स्टालिन, एम.के. (DMK), जीत का अंतर 20.5%
- 1991कृष्ण स्वामी के.ए. (ADK), जीत का अंतर 17.3%
- 1996स्टालिन, एम.के. (DMK), जीत का अंतर 46.8%
- 2001स्टालिन एम.के. (DMK), जीत का अंतर 7.6%
- 2006स्टालिन एम.के. (DMK), जीत का अंतर 2.3%