चेंगमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
पी. वीरा पांडियन (ADK) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 59.3% वोट पाकर चेंगम सीट जीती और के. मुनुसामी (JD) को 37,617 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 42 चेय्यार थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 42 आर्काट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पी. वीरा पांडियन 40.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पी. वीरा पांडियन AIADMK-Congress Alliance (1991) | AIADMK-Congress Alliance (1991) | 54,61159.3% |
| 2 | के. मुनुसामी | 16,99418.5% | |
| 3 | एम. अन्नप्पन | 11,28312.3% | |
| 4 | टी. सामिक्कन्नु निर्दलीय | निर्दलीय | 7,0567.7% |
| 5 | के. केशवलु | 1,1091.2% | |
| 6 | वी. नारयणसामि निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.5% |
| 7 | पी. धनपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2740.3% |
| 8 | ए. रामचंद्रन निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 9 | पी. गोविंदराज निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADK, JD और PMK को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चेंगम से कौन जीता, 1977–2006
ADK ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; ADK ने यहाँ पिछली बार 1984 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 58.6% से बढ़कर 63.5% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट DMK ने जीती।
- 1977टी. स्वामीकन्नु (ADK), जीत का अंतर 22.2%
- 1980स्वामीकन्नु, टी. (ADK), जीत का अंतर 1.5%
- 1984टी. स्वामीकन्नु (ADK), जीत का अंतर 33.2%
- 1989सेट्टू, एम. (JNP), जीत का अंतर 5.2%
- 1991पी. वीरा पांडियन (ADK), जीत का अंतर 40.9%
- 1996नन्नन, के.वी. (DMK), जीत का अंतर 26.7%
- 2001पोलूर वरदन (INC), जीत का अंतर 11.0%
- 2006पोलूर वरदन एम. (INC), जीत का अंतर 8.2%