तिरुथानीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
रसनबाबू उर्फ़ थनिगई बाबू के. (ADK) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर तिरुथानी सीट जीती और चिनराजीवुलु नायुडु सी. (JD) को 22,192 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 30 रानीपेट थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 30 पल्लावरम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रसनबाबू उर्फ़ थनिगई बाबू के. 23.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रसनबाबू उर्फ़ थनिगई बाबू के. AIADMK-Congress Alliance (1991) | AIADMK-Congress Alliance (1991) | 50,03753.2% |
| 2 | चिनराजीवुलु नायुडु सी. | 27,84529.6% | |
| 3 | मूर्ति ई. | 12,80813.6% | |
| 4 | थुल्लुक्कानम नायुडु वी. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8201.9% |
| 5 | प्रेमचन्द डी. | 9161.0% | |
| 6 | चन्द्रन एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 2850.3% |
| 7 | श्रीनिवासन आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.3% |
| 8 | जगन्नाथन ई. निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADK, JD और PMK को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिरुथानी से कौन जीता, 1977–2006
ADK ने यह सीट DMK से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; ADK ने यहाँ पिछली बार 1984 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 61.3%। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट DMK ने जीती।
- 1977आर. षण्मुगम (ADK), जीत का अंतर 15.5%
- 1980षणमुगम, आर. (ADK), जीत का अंतर 14.0%
- 1984षणमुगम, आर. (ADK), जीत का अंतर 4.8%
- 1989नटराजन, पी. (DMK), जीत का अंतर 10.8%
- 1991रसनबाबू उर्फ़ थनिगई बाबू के. (ADK), जीत का अंतर 23.6%
- 1996शिवाजी, ई.ए.पी. (DMK), जीत का अंतर 27.4%
- 2001रविराज जी. (PMK), जीत का अंतर 11.8%
- 2006हरि जी. (ADMK), जीत का अंतर 0.8%