राजपालयमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
टी. सथियाह (ADK) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 63.5% वोट पाकर राजपालयम सीट जीती और के. धनुषकोडी (TMK) को 31,488 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 209 विलाथिकुलम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 209 परमकुडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — टी. सथियाह 29.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | टी. सथियाह AIADMK-Congress Alliance (1991) | AIADMK-Congress Alliance (1991) | 68,65763.5% |
| 2 | के. धनुषकोडी TMK | TMK | 37,16934.4% |
| 3 | एम. पूमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 6870.6% |
| 4 | एम. सोनाई निर्दलीय | निर्दलीय | 6400.6% |
| 5 | टी. शक्तिवेल | 3920.4% | |
| 6 | सी. मणिसेकर TMM | TMM | 2610.2% |
| 7 | डी. चोल्लथुरई मनोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.2% |
| 8 | एम. मन्मथन निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.1% |
| 9 | एम. पी. जयपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADK और TMK को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राजपालयम से कौन जीता, 1977–2006
ADK ने यह सीट DMK से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; ADK ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 75.4% से घटकर 61.0% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट DMK ने जीती।
- 1977के. धनुषकोडी (ADK), जीत का अंतर 5.2%
- 1980मोक्कियन पी. (IND), जीत का अंतर 9.9%
- 1984रमन, के. (INC), जीत का अंतर 9.7%
- 1989राजन, वी.पी. (DMK), जीत का अंतर 3.3%
- 1991टी. सथियाह (ADK), जीत का अंतर 29.1%
- 1996वी.पी. राजन (DMK), जीत का अंतर 14.6%
- 2001राजशेखर एम. (ADMK), जीत का अंतर 7.4%
- 2006चन्द्र एम. (ADMK), जीत का अंतर 0.3%