संकरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
वरदराजन, आर. (DMK) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 41.7% वोट पाकर संकरी सीट जीती और धनपाल आर. (ADK(JL)) को 7,869 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 99 कुन्नूर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 99 ईरोड (पश्चिम) है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वरदराजन, आर. National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | 43,36541.7% |
| 2 | धनपाल आर. ADK(JL) | ADK(JL) | 35,49634.1% |
| 3 | कोलंदैराज, एम. | 12,43112.0% | |
| 4 | अंबेडखर, वी. ADK(JR) | ADK(JR) | 8,6258.3% |
| 5 | मणि, एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9471.9% |
| 6 | पलानीअप्पन, एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 7020.7% |
| 7 | श्रीवनिवासन, के.एम. ICJ(BG) | ICJ(BG) | 5460.5% |
| 8 | वीरमणि, सी. निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.5% |
| 9 | मारिमुथु, आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 3380.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
संकरी से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADK से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह DMK की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1984 के 65.9% से घटकर 59.6% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट ADK ने जीती।
- 1977पी. धनपाल (ADK), जीत का अंतर 34.2%
- 1980धनपाल, पी. (ADK), जीत का अंतर 15.6%
- 1984धनबाल, पी. (ADK), जीत का अंतर 16.0%
- 1989वरदराजन, आर. (DMK), जीत का अंतर 7.6%
- 1991सरोजा वी. (ADK), जीत का अंतर 46.0%
- 1996मुथु, वी. (DMK), जीत का अंतर 18.1%
- 2001धनबाल पी. (ADMK), जीत का अंतर 18.4%
- 2006दुरैसामी वी.पी. (DMK), जीत का अंतर 11.3%