अनैकट्टुविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
एस.पी. कन्नन (DMK) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 35.6% वोट पाकर अनैकट्टु सीट जीती और विश्वनाथन (ADK(JL)) को 2,823 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 47 थंडरामबट्टू थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 47 वाणियमबाडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। एस.पी. कन्नन 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस.पी. कन्नन National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | 25,70935.6% |
| 2 | विश्वनाथन ADK(JL) | ADK(JL) | 22,88631.7% |
| 3 | एल. बलरामन | 12,19016.9% | |
| 4 | वी.आर. कृष्णस्वामी ADK(JR) | ADK(JR) | 6,3948.9% |
| 5 | डी. थोप्पूर थिरुवेंकदम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3624.7% |
| 6 | एस.वी.ए. पुरुषोत्तमन निर्दलीय | निर्दलीय | 8661.2% |
| 7 | सी. पेरुमल निर्दलीय | निर्दलीय | 4260.6% |
| 8 | वी.के. राजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
| 9 | जी. आदिकेशवन निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अनैकट्टु से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADK से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह DMK की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1984 के 65.2% से घटकर 51.3% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट ADK ने जीती।
- 1977आर. मार्गबंधु (ADK), जीत का अंतर 27.7%
- 1980विश्वनाथन, जी. (ADK), जीत का अंतर 9.0%
- 1984कृष्णसामी, वी.आर. (ADK), जीत का अंतर 24.0%
- 1989एस.पी. कन्नन (DMK), जीत का अंतर 3.9%
- 1991धर्मलिंगम के. (ADK), जीत का अंतर 37.6%
- 1996गोपू, सी. (DMK), जीत का अंतर 29.9%
- 2001पांडुरंगन के. (ADMK), जीत का अंतर 19.3%
- 2006पांडुरंगन के. (ADMK), जीत का अंतर 0.0%