शंकरनयनारकोइलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
थंगवेलु, एस. (DMK) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर शंकरनयनारकोइल सीट जीती और मरुथा करुप्पन, के. (ADK(JL)) को 21,989 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 213 वासुदेवनल्लूर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 213 विलाथिकुलम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — थंगवेलु, एस. 20.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | थंगवेलु, एस. National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | 46,88644.0% |
| 2 | मरुथा करुप्पन, के. ADK(JL) | ADK(JL) | 24,89723.4% |
| 3 | आनंदराज, एस. | 24,62823.1% | |
| 4 | शंकरलिंगम, एस. ADK(JR) | ADK(JR) | 6,8466.4% |
| 5 | राजाराम, एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0451.9% |
| 6 | सुब्रमण्यन, पी.टी.के. निर्दलीय | निर्दलीय | 5370.5% |
| 7 | पेच्चियप्पन, एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.3% |
| 8 | करुप्पसामी, वी. निर्दलीय | निर्दलीय | 3040.3% |
| 9 | जॉन पांडियन, एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शंकरनयनारकोइल से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADK से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; DMK ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1984 के 68.3% से बढ़कर 72.2% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट ADK ने जीती।
- 1977एस. सुब्बैया (DMK), जीत का अंतर 0.5%
- 1980दुरैराज, पी. (ADK), जीत का अंतर 3.7%
- 1984एस. संगरलिंगम (ADK), जीत का अंतर 13.9%
- 1989थंगवेलु, एस. (DMK), जीत का अंतर 20.6%
- 1991गोपालकृष्णन वी. (ADK), जीत का अंतर 25.3%
- 1996करुप्पसामी, सी. (ADMK), जीत का अंतर 0.5%
- 2001करुप्पसामी सी. (ADMK), जीत का अंतर 7.8%
- 2006करुप्पसामी सी. (ADMK), जीत का अंतर 3.5%