सात्तूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
एस.एस. करुप्पसामी (DMK) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 42.0% वोट पाकर सात्तूर सीट जीती और आर. कोथनरामन (ADK(JL)) को 16,062 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में भी सीट नंबर 205 का नाम सात्तूर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 205 शिवकाशी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस.एस. करुप्पसामी National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | 52,60842.0% |
| 2 | आर. कोथनरामन ADK(JL) | ADK(JL) | 36,54629.2% |
| 3 | पी. सुब्बैया | 17,37513.9% | |
| 4 | वी. वीरसुब्रमण्यन ADK(JR) | ADK(JR) | 16,51213.2% |
| 5 | एस., सुब्बैया निर्दलीय | निर्दलीय | 3640.3% |
| 6 | डी. पेरियासामी निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.2% |
| 7 | सीनिवासगन, के. निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.2% |
| 8 | के., पॉलराज निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.2% |
| 9 | के. पेरियासामी नाडार निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 10 | ए. रायप्पन निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.1% |
| 11 | एम. रवींद्रन निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.1% |
| 12 | एस. गुरुसामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.1% |
| 13 | एस. मनोहरन निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 14 | ए. राजन निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 15 | एस. दक्षिणामूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 16 | टी. उथानुमल्लयन निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 17 | एस. अरुमुगम निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 18 | एस. देवदास निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
| 19 | अरुणाचलम, के. निर्दलीय | निर्दलीय | 390.0% |
| 20 | एन. जनार्थनन निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सात्तूर से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADK से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह DMK की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1984 के 75.3% से घटकर 72.6% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट TMK ने जीती।
- 1977के.के.एस.एस.आर. रामचन्द्रन (ADK), जीत का अंतर 18.9%
- 1980रामचन्द्रन, के. के. एस. एस. आर. (ADK), जीत का अंतर 11.0%
- 1984के.के.एस.एस.आर. रामचन्द्रन (ADK), जीत का अंतर 6.4%
- 1989एस.एस. करुप्पसामी (DMK), जीत का अंतर 12.8%
- 1991रामचंद्रन के.के.एस.एस.आर. (TMK), जीत का अंतर 1.8%
- 1996विजयकुमार, के.एम. (DMK), जीत का अंतर 6.9%
- 2001रामचन्द्रन के.के.एस.एस.आर. (DMK), जीत का अंतर 3.3%
- 2006रामचन्द्रन के.के.एस.एस.आर. (DMK), जीत का अंतर 14.0%