मन्नारगुडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
के. रामचन्द्रन (DMK) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 43.1% वोट पाकर मन्नारगुडी सीट जीती और वी. वीरसेनन (CPI) को 2,725 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 178 कुत्तालम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 178 गंधर्वकोट्टई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। के. रामचन्द्रन 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. रामचन्द्रन National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | 48,80943.1% |
| 2 | वी. वीरसेनन | 46,08440.7% | |
| 3 | एस. ज्ञानसुंदरम ADK(JR) | ADK(JR) | 10,4789.3% |
| 4 | एम. अंबिगापति निर्दलीय | निर्दलीय | 6,4825.7% |
| 5 | वी. ए. एम. अमान खान निर्दलीय | निर्दलीय | 8790.8% |
| 6 | आर. कन्नैयन निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.3% |
| 7 | आर. चेल्लप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, CPI और ADK(JR) को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मन्नारगुडी से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADK से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह DMK की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1984 जितना ही रहा: 78.1%। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट ADK ने जीती।
- 1977एम. अंबिगापति (CPI), जीत का अंतर 8.2%
- 1980अंबिकापति, एम. (CPI), जीत का अंतर 19.9%
- 1984एस. ज्ञानसुंदरम (ADK), जीत का अंतर 4.3%
- 1989के. रामचन्द्रन (DMK), जीत का अंतर 2.4%
- 1991के. श्रीनिवासन (ADK), जीत का अंतर 6.7%
- 1996वी. शिवपुण्णियम (CPI), जीत का अंतर 33.2%
- 2001शिवपुण्णियम वी. (CPI), जीत का अंतर 16.1%
- 2006शिवपुण्णियम वी. (CPI), जीत का अंतर 5.0%