पोन्नेरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
सुंदरम, के. (DMK) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 44.5% वोट पाकर पोन्नेरी सीट जीती और तमिऴरसन, के. (ADK(JL)) को 7,607 वोटों से हराया। ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 16 सेंट थॉमस माउंट थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 16 एगमोर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुंदरम, के. National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | National Front (DMK-led, Tamil Nadu), 1989 | 51,92844.5% |
| 2 | तमिऴरसन, के. ADK(JL) | ADK(JL) | 44,32138.0% |
| 3 | यशोदा, डी. | 14,41012.4% | |
| 4 | शेखर के.पी.के. उर्फ़ कुलशेखरन, के.पी. ADK(JR) | ADK(JR) | 5,2804.5% |
| 5 | परमन्नंधन, एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.3% |
| 6 | राममूर्ति, पी.एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.2% |
| 7 | अरुमुगम, के.एन. निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, ADK(JL) और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पोन्नेरी से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADK से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह DMK की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1984 के 72.8% से घटकर 69.9% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट ADK ने जीती।
- 1977एस.एम. दोरैराज (ADK), जीत का अंतर 15.1%
- 1980चक्रपाणि, आर. (ADK), जीत का अंतर 18.0%
- 1984के. पी. के. शेखर उर्फ़ के. पी. कुलशेखरन (ADK), जीत का अंतर 19.1%
- 1989सुंदरम, के. (DMK), जीत का अंतर 6.5%
- 1991रविकुमार ई. (ADK), जीत का अंतर 34.5%
- 1996सुंदरम, के. (DMK), जीत का अंतर 32.0%
- 2001कन्नन ए.एस. (CPI), जीत का अंतर 18.4%
- 2006बालरामनन पी. (ADMK), जीत का अंतर 6.3%