तिरूप्पुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
गोविंदसामी, सी. (CPM) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 34.4% वोट पाकर तिरूप्पुर सीट जीती और सुब्बरायन, के. (CPI) को 17,379 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में भी सीट नंबर 116 का नाम तिरूप्पुर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 116 सूलूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोविंदसामी, सी. | 55,48134.4% | |
| 2 | सुब्बरायन, के. | 38,10223.6% | |
| 3 | कृष्णन, आर. | 31,78619.7% | |
| 4 | पलानीसामी, एम.एन. ADK(JR) | ADK(JR) | 27,25116.9% |
| 5 | गोविंदसामी, के.पी. TNC(K) | TNC(K) | 5,8263.6% |
| 6 | मणि गोविंदसामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1240.7% |
| 7 | षणमुगम, के. निर्दलीय | निर्दलीय | 3090.2% |
| 8 | धरुमन, एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.1% |
| 9 | बालकृष्णन, ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.1% |
| 10 | सुब्रमण्यम, ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.1% |
| 11 | संपत, आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.1% |
| 12 | नारयणसामि, आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.1% |
| 13 | रथिनसामी, एम.जी.बी. निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 14 | अरुणाचलम, ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 680.0% |
| 15 | गणेशन, ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 680.0% |
| 16 | दंडपाणि, एन. निर्दलीय | निर्दलीय | 610.0% |
| 17 | वेंकटाचलम, एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 600.0% |
| 18 | सेल्वाराज, के. निर्दलीय | निर्दलीय | 570.0% |
| 19 | जॉन जोसेफ, जे. निर्दलीय | निर्दलीय | 420.0% |
| 20 | थंगवेलु, वी. निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
| 21 | थंगवेल, जी. निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिरूप्पुर से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह CPM की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1984 के 69.6% से बढ़कर 72.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट ADK ने जीती।
- 1977आर. मणिमारन (ADK), जीत का अंतर 15.2%
- 1980मणिमारन, आर. (ADK), जीत का अंतर 21.7%
- 1984सुब्बरायन के. (CPI), जीत का अंतर 1.0%
- 1989गोविंदसामी, सी. (CPM), जीत का अंतर 10.8%
- 1991पलानीसामी वी. (ADK), जीत का अंतर 22.9%
- 1996सुब्बरायन, के. (CPI), जीत का अंतर 20.5%
- 2001शिवसामी सी. (ADMK), जीत का अंतर 21.9%
- 2006गोविंदसामी सी. (CPM), जीत का अंतर 4.6%