पनरुटीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1984
एस. रामचन्द्रन (ADK) ने 1984 के विधान सभा चुनाव में 54.0% वोट पाकर पनरुटी सीट जीती और के. नंदगोपाल कृष्णन (DMK) को 7,637 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 64 मंगलूर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 64 कीलपेन्नाथूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. रामचन्द्रन AIADMK-Congress Alliance (1984) | AIADMK-Congress Alliance (1984) | 51,90054.0% |
| 2 | के. नंदगोपाल कृष्णन | 44,26346.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADK और DMK को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पनरुटी से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव ADK ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.9% से बढ़कर 54.0% हो गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 76.2% से बढ़कर 81.9% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट DMK ने जीती।
- 1977एस. रामचन्द्रन (ADK), जीत का अंतर 21.4%
- 1980रामचन्द्रन, एस. (ADK), जीत का अंतर 5.2%
- 1984एस. रामचन्द्रन (ADK), जीत का अंतर 7.9%
- 1989नंदा गोपालकिरुट्टिनन के. (DMK), जीत का अंतर 37.5%
- 1991रामचंद्रन एस. (PMK), जीत का अंतर 1.1%
- 1996वी. रामास्वामी (DMK), जीत का अंतर 33.0%
- 2001वेलमुरुगन टी. (PMK), जीत का अंतर 4.1%
- 2006वेलमुरुगन टी. (PMK), जीत का अंतर 0.1%