कडलाडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1984
ए. पिरनवनाथन (DMK) ने 1984 के विधान सभा चुनाव में 39.8% वोट पाकर कडलाडी सीट जीती और वी. शिवथविल्ली थेवर (निर्दलीय) को 6,702 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 202 कारियापट्टी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 202 राजपालयम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए. पिरनवनाथन | 37,39939.8% | |
| 2 | वी. शिवथविल्ली थेवर निर्दलीय | निर्दलीय | 30,69732.7% |
| 3 | एम. जयंदिरापांडी निर्दलीय | निर्दलीय | 17,99519.1% |
| 4 | वी. वेलुसामी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6182.8% |
| 5 | एम.एम.के. मोहम्मद इब्राहिम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5752.7% |
| 6 | एस. नटराजन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2651.4% |
| 7 | एम. जैलानी ICJ | ICJ | 6220.7% |
| 8 | ए. दुरईपांडी निर्दलीय | निर्दलीय | 5860.6% |
| 9 | एम. कुप्पुसामी यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कडलाडी से कौन जीता, 1977–2006
DMK ने यह सीट ADK से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह DMK की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 56.4% से बढ़कर 62.2% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी DMK ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977आर.सी. सुब्रमण्यन (ADK), जीत का अंतर 19.1%
- 1980सत्यमूर्ति, एस. (ADK), जीत का अंतर 4.1%
- 1984ए. पिरनवनाथन (DMK), जीत का अंतर 7.1%
- 1989अमीत इब्राहिम, ए.एम. (DMK), जीत का अंतर 0.4%
- 1991सत्यमूर्ति वी. (ADK), जीत का अंतर 29.0%
- 1996एस.पी. थंगवेलन (DMK), जीत का अंतर 19.0%
- 2001बालकृष्णन एस. (TMC(M)), जीत का अंतर 5.8%
- 2006थंगवेलन सुब्बा (DMK), जीत का अंतर 6.3%