गंगापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
दुर्गा प्रसाद (निर्दलीय) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 34.9% वोट पाकर गंगापुर सीट जीती और पंखी लाल (JD) को 5,224 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 85 किशनगढ़ थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 85 बांदीकुई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दुर्गा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 31,13934.9% |
| 2 | पंखी लाल | 25,91529.1% | |
| 3 | हरीश चन्द | 17,29719.4% | |
| 4 | गोविन्द सहाय NDA | NDA | 10,63711.9% |
| 5 | जुबेर अहमद | 3,2703.7% | |
| 6 | रामेश्वर | 5110.6% | |
| 7 | लखन निर्दलीय | निर्दलीय | 4270.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गंगापुर से कौन जीता, 1977–2003
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1993 के 57.2% से बढ़कर 61.1% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।