खण्डारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
अशोक (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 47.1% वोट पाकर खण्डार सीट जीती और हरि नारायण (BJP) को 16,957 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 82 उनियारा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 82 हिन्डौन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अशोक 24.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक | 32,95647.1% | |
| 2 | हरि नारायण NDA | NDA | 15,99922.8% |
| 3 | बजरंग लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 15,27221.8% |
| 4 | राजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9484.2% |
| 5 | बुद्धि प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0151.4% |
| 6 | घनश्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 7821.1% |
| 7 | बनवारी लाल | 4010.6% | |
| 8 | हंसराज निर्दलीय | निर्दलीय | 3730.5% |
| 9 | राम स्वरूप | 2890.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खण्डार से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 46.8% से बढ़कर 48.9% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।