राजाखेड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
प्रद्युम्न सिंह (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 45.0% वोट पाकर राजाखेड़ा सीट जीती और मनोरमा सिंह (BJP) को 17,692 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 77 हिन्डौन थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 77 बसेड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रद्युम्न सिंह 18.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रद्युम्न सिंह | 42,92045.0% | |
| 2 | मनोरमा सिंह NDA | NDA | 25,22826.5% |
| 3 | किशन चन्द | 18,51619.4% | |
| 4 | जग मोहन | 6,3046.6% | |
| 5 | अनूप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0941.1% |
| 6 | पुष्पा शर्मा | 5430.6% | |
| 7 | राजेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4710.5% |
| 8 | महेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राजाखेड़ा से कौन जीता, 1977–2003
INC ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.1% से घटकर 45.0% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 66.4% से बढ़कर 73.2% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।