तिजाराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
जगमाल सिंह यादव (RJD) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 27.3% वोट पाकर तिजारा सीट जीती और सायरा बेगम (INC) को 367 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 60 कठूमर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 60 किशनगढ़ बास है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
तिजारा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 367 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगमाल सिंह यादव | 30,18727.3% | |
| 2 | सायरा बेगम | 29,82026.9% | |
| 3 | रामहेत यादव NDA | NDA | 17,24515.6% |
| 4 | दीन मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 11,14310.1% |
| 5 | शीशराम यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 8,0067.2% |
| 6 | बने सिंह | 6,9196.3% | |
| 7 | रामगोपाल उर्फ़ गोपाली निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0703.7% |
| 8 | रघुवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4461.3% |
| 9 | रती राम यादव | 1,1231.0% | |
| 10 | हरि सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6750.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिजारा से कौन जीता, 1977–2003
RJD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 70.3% से घटकर 69.7% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977अयूब (JNP), जीत का अंतर 9.1%
- 1980दीन मोहम्मद (INC(I)), जीत का अंतर 0.5%
- 1985जगमाल सिंह यादव (LKD), जीत का अंतर 10.6%
- 1990जगमाल सिंह यादव (JD), जीत का अंतर 15.0%
- 1993अमामुद्दीन अहमद खान (INC), जीत का अंतर 17.4%
- 1998जगमाल सिंह यादव (RJD), जीत का अंतर 0.3%
- 2003अमामुद्दीन अहमद खान उर्फ़ दुर्रू मियां (INC), जीत का अंतर 1.0%