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राजस्थान · विधान सभा सीट नंबर 52SC आरक्षित

दौसाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998

नन्द लाल (निर्दलीय) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 40.0% वोट पाकर दौसा सीट जीती और राम नाथ (INC) को 816 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 52 बहरोड़ थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 52 किशनपोल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

नन्द लाल
IND
निर्दलीय 40.0%INC 39.0%5 अन्य 21.0%
मिले वोट
31,325
मतों का 40.0%
जीत का अंतर
816
कुल वोटों का 1.0%
उम्मीदवार
7
मतदान प्रतिशत
54.6%
1,43,243 मतदाताओं में से

दौसा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 816 से भी कम वोटों का फ़ासला था।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

7 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
नन्द लाल
निर्दलीय
निर्दलीय
31,32540.0%
2
राम नाथ
30,50939.0%
3
जिया लाल
NDA
NDA
13,12016.8%
4
मदन लाल
निर्दलीय
निर्दलीय
2,2192.8%
5
राम किशन महावर
निर्दलीय
निर्दलीय
4100.5%
6
खेम चन्द
3900.5%
7
कल्याण प्रसाद कोली
निर्दलीय
निर्दलीय
3090.4%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
1.0%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
55%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

एक निर्दलीय, INC और BJP को 96% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.93

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
200 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 101

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
40.0%निर्दलीय की जीत
निर्दलीय 40.0%INC 39.0%BJP 16.8%अन्य 4.2%

यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

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ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

दौसा से कौन जीता, 1977–2003

एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 50.0% से बढ़कर 54.6% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।

  1. 1977मूल चन्द समरिया (JNP), जीत का अंतर 15.7%
  2. 1980सोहन लाल बंशीवाल (BJP), जीत का अंतर 7.9%
  3. 1985भूधर मल (INC), जीत का अंतर 3.3%
  4. 1990जिया लाल बंशीवाल (BJP), जीत का अंतर 35.9%
  5. 1993जीयालाल बंशीवाल (BJP), जीत का अंतर 16.3%
  6. 1998नन्द लाल (IND), जीत का अंतर 1.0%
  7. 2003नन्द लाल बंशीवाल (BJP), जीत का अंतर 10.6%