फुलेराविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1997
राम नारायण किसन (BJP) ने 1997 के विधान सभा उपचुनाव में 31.8% वोट पाकर फुलेरा सीट जीती और नवरतन राजोरिया (निर्दलीय) को 6,903 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 45 बांदीकुई थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 45 दूदू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम नारायण किसन | 34,21831.8% | |
| 2 | नवरतन राजोरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 27,31525.4% |
| 3 | गोहल चौधरी | 25,98424.1% | |
| 4 | जगदीश निर्दलीय | निर्दलीय | 8,2677.7% |
| 5 | राम प्रसाद यादव | 7,8327.3% | |
| 6 | मालचंद मलिंदा | 1,5261.4% | |
| 7 | भंवर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6760.6% |
| 8 | प्रेमचन्द बलाई निर्दलीय | निर्दलीय | 6220.6% |
| 9 | सोहनलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5930.6% |
| 10 | गणपत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.3% |
| 11 | रुक्मिणी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।