राजाखेड़ाविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1965
दामोदर व्यास (INC) ने 1965 के विधान सभा उपचुनाव में 60.7% वोट पाकर राजाखेड़ा सीट जीती और एम. सिंह (निर्दलीय) को 9,042 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 50 कोटा थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 50 कोटपूतली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दामोदर व्यास 29.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दामोदर व्यास | 18,71460.7% | |
| 2 | एम. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,67231.3% |
| 3 | एम. चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8376.0% |
| 4 | भोरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 6292.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राजाखेड़ा से कौन जीता, 1962
- 1962प्रताप सिंह (INC), जीत का अंतर 21.4%