बानसूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
सतीश कुमार (निर्दलीय) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 55.0% वोट पाकर बानसूर सीट जीती और बद्री प्रसाद गुप्ता (INC) को 6,249 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 34 डीग थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 34 चौमूं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सतीश कुमार 18.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सतीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 18,39755.0% |
| 2 | बद्री प्रसाद गुप्ता | 12,14836.3% | |
| 3 | सदा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8382.5% |
| 4 | शिव चरण निर्दलीय | निर्दलीय | 8102.4% |
| 5 | हीरा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6081.8% |
| 6 | राम नारायण स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 4141.2% |
| 7 | भवानी शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2610.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।