जोधपुर शहर Iविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
आनन्द सिंह कछवाहा (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 39.1% वोट पाकर जोधपुर शहर I सीट जीती और रेवा चन्द (BJS) को 3,898 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में कोई सीट नंबर 146 नहीं थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 146 जैतारण है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आनन्द सिंह कछवाहा | 10,52139.1% | |
| 2 | रेवा चन्द | 6,62324.6% | |
| 3 | केशव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,43220.2% |
| 4 | पूना राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0257.5% |
| 5 | मो. अख्तर सुद्दीक़ स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 1,5365.7% |
| 6 | लक्ष्मी नारायण कल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 3851.4% |
| 7 | नाहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.6% |
| 8 | नवरतन मल निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.4% |
| 9 | छतर सिंह RRP | RRP | 620.2% |
| 10 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 570.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।