धर्मकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
सीतल सिंह (SAD) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 46.6% वोट पाकर धर्मकोट सीट जीती और केवल सिंह (INC) को 5,700 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 98 तलवंडी साबो थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 98 बुढलाडा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सीतल सिंह BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 47,27746.6% |
| 2 | केवल सिंह UPA | UPA | 41,57741.0% |
| 3 | उजागर सिंह | 4,4214.4% | |
| 4 | शिविंदर सिंह | 3,2763.2% | |
| 5 | बलदेव सिंह गगड़ा | 3,1433.1% | |
| 6 | जसबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7980.8% |
| 7 | बलदेव सिंह धरमकोट BSP(A) | BSP(A) | 5670.6% |
| 8 | गुरमेल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3140.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD, INC और CPI को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धर्मकोट से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1997 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.0% से बढ़कर 46.6% हो गया। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2002 के 66.3% से बढ़कर 72.2% हो गया।