लहराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
राजिंदर कौर (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 40.5% वोट पाकर लहरा सीट जीती और प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा (SAD) को 248 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 89 बरनाला थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 89 जैतो है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
लहरा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 248 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजिंदर कौर UPA | UPA | 47,51540.5% |
| 2 | प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा NDA | NDA | 47,26740.3% |
| 3 | निरंजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 12,38010.6% |
| 4 | बलजीत सिंह | 3,9073.3% | |
| 5 | सतवंत सिंह | 3,2282.8% | |
| 6 | प्रेम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9990.8% |
| 7 | सुखजिंदर सिंह NDA | NDA | 9380.8% |
| 8 | जगतार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6350.5% |
| 9 | ज्ञान सिंह | 5150.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SAD और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लहरा से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1992 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.0% से घटकर 40.5% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2002 के 71.1% से बढ़कर 83.8% हो गया।