शेरपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
हरचंद कौर (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 49.6% वोट पाकर शेरपुर सीट जीती और गोबिन्द सिंह (SAD) को 10,514 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 82 समाना थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 82 बल्लूआना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरचंद कौर UPA | UPA | 49,68449.6% |
| 2 | गोबिन्द सिंह NDA | NDA | 39,17039.1% |
| 3 | सुखतेज कौर | 6,5786.6% | |
| 4 | अमरजीत सिंह किला हकीमा | 2,5142.5% | |
| 5 | परमजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7690.8% |
| 6 | दीदार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6210.6% |
| 7 | जग्गा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4760.5% |
| 8 | शमशेर सिंह NDA | NDA | 3820.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SAD और BSP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शेरपुर से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2002 के 75.2% से बढ़कर 82.8% हो गया।