शुतराणाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
निर्मल सिंह (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 44.8% वोट पाकर शुतराणा सीट जीती और हमीर सिंह घग्गा (SAD) को 2,595 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 74 रोपड़ थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 74 धर्मकोट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। निर्मल सिंह 2.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | निर्मल सिंह UPA | UPA | 53,88844.8% |
| 2 | हमीर सिंह घग्गा NDA | NDA | 51,29342.6% |
| 3 | परमजीत सिंह कैंथ | 9,8808.2% | |
| 4 | बाला सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8451.5% |
| 5 | जरनैल सिंह | 1,4991.3% | |
| 6 | हरभजन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8010.7% |
| 7 | हरदम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6530.5% |
| 8 | राज कौर NDA | NDA | 4180.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SAD और BSP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शुतराणा से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट SAD से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1992 में जीत दर्ज की थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2002 के 71.1% से बढ़कर 77.6% हो गया।