जालंधर कैंटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
जगबीर सिंह बरार (SAD) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 53.3% वोट पाकर जालंधर कैंट सीट जीती और गुरकंवल कौर (INC) को 16,984 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 29 अजनाला थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 29 फगवाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जगबीर सिंह बरार 17.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगबीर सिंह बरार BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 50,43653.3% |
| 2 | गुरकंवल कौर UPA | UPA | 33,45235.3% |
| 3 | कपिल बत्रा | 7,9838.4% | |
| 4 | केवल सिंह | 7090.8% | |
| 5 | अनिल दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 5670.6% |
| 6 | रमेश सिंगला निर्दलीय | निर्दलीय | 4510.5% |
| 7 | ओंकार दास | 3060.3% | |
| 8 | गुरचरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
| 9 | जसवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.2% |
| 10 | मंजीत कौर BSP(A) | BSP(A) | 1230.1% |
| 11 | गुरबिंदर सिंह BGTD | BGTD | 1140.1% |
| 12 | राम सरूप DBSP | DBSP | 800.1% |
| 13 | नरिंदर पाल सिंह JM | JM | 570.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD, INC और BSP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जालंधर कैंट से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SAD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2002 के 50.8% से बढ़कर 68.2% हो गया।