अमृतसर पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
ओम प्रकाश सोनी (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 47.1% वोट पाकर अमृतसर पश्चिम सीट जीती और राजिंदर मोहन सिंह छीना (BJP) को 12,103 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 17 पट्टी थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 17 अमृतसर मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ओम प्रकाश सोनी UPA | UPA | 60,97847.1% |
| 2 | राजिंदर मोहन सिंह छीना NDA | NDA | 48,87537.8% |
| 3 | अमरजीत सिंह असल | 11,3508.8% | |
| 4 | राजिंदर कुमार (कैप्टन) UPA | UPA | 4,2483.3% |
| 5 | अजीत कुमार मलिक | 1,7561.4% | |
| 6 | अरजिंदर सिंह पन्नू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0950.8% |
| 7 | विपन कुमार नैयर | 6190.5% | |
| 8 | राज कुमार बाबी BSP(A) | BSP(A) | 5650.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और CPI को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अमृतसर पश्चिम से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2002 के 48.8% से बढ़कर 55.9% हो गया।