गिद्दड़बाहाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
मनप्रीत सिंह बादल (SAD) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 43.2% वोट पाकर गिद्दड़बाहा सीट जीती और रघुबीर सिंह (INC) को 18,828 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 106 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 106 अमरगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मनप्रीत सिंह बादल 15.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनप्रीत सिंह बादल BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | BJP-SAD Alliance (NDA) (NDA गठबंधन) | 53,11143.2% |
| 2 | रघुबीर सिंह UPA | UPA | 34,28327.9% |
| 3 | संत सिंह बरार निर्दलीय | निर्दलीय | 28,17722.9% |
| 4 | मनजीत कौर | 1,8451.5% | |
| 5 | महिंगा राम | 1,2431.0% | |
| 6 | आत्मा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0790.9% |
| 7 | रघवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9420.8% |
| 8 | मेहन सिंह | 8990.7% | |
| 9 | संत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5500.5% |
| 10 | गुरजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5280.4% |
| 11 | नगिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3320.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गिद्दड़बाहा से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1997 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.5% से घटकर 43.2% रह गया। मतदान प्रतिशत 2002 के 76.5% से बढ़कर 87.3% हो गया।