किला रायपुरविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1997
जगदीश सिंह गरचा (SAD) ने 1997 के विधान सभा उपचुनाव में 53.9% वोट पाकर किला रायपुर सीट जीती और तरसेम जोधन (CPM) को 10,444 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 56 नकोदर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 56 अमलोह है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगदीश सिंह गरचा | 48,07153.9% | |
| 2 | तरसेम जोधन | 37,62742.2% | |
| 3 | प्रकाश सिंह जंडाली | 2,3112.6% | |
| 4 | डॉ. वरियाम सिंह राजपूत निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.3% |
| 5 | सुखदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2820.3% |
| 6 | गुरदर्शन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.3% |
| 7 | सिकन्दर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.2% |
| 8 | डॉ. मंजीत कौर राजपूत निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 9 | बलदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD और CPM को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।