मानसाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
संत लाखा सिंह (SAD) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 37.4% वोट पाकर मानसा सीट जीती और हरचरण सिंह (INC) को 409 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 97 नवांशहर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 97 जीरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मानसा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 409 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | संत लाखा सिंह Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 16,74237.4% |
| 2 | हरचरण सिंह | 16,33336.5% | |
| 3 | जांगिड़ सिंह वाम दल | वाम दल | 11,65926.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD, INC और CPI को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मानसा से कौन जीता, 1967–1972
SAD ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 64.4% से बढ़कर 67.6% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।