शेरपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
कुन्दन सिंह (SAD) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 52.8% वोट पाकर शेरपुर सीट जीती और जांगिड़ सिंह (INC) को 10,307 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 88 निहाल सिंह वाला थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 88 सुनाम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कुन्दन सिंह 26.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कुन्दन सिंह Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 20,49852.8% |
| 2 | जांगिड़ सिंह | 10,19126.2% | |
| 3 | भान सिंह भौरा वाम दल | वाम दल | 6,74017.4% |
| 4 | गुरचेत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4083.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD, INC और CPI को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शेरपुर से कौन जीता, 1967–1972
SAD ने यह सीट AD(S) से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 63.5% से घटकर 62.8% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।