जालंधर उत्तरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
गुरदयाल सैनी (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 60.3% वोट पाकर जालंधर उत्तर सीट जीती और लाल चन्द सुबेरवाल (BJS) को 9,553 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 50 फिरोजपुर झिरका थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 50 गढ़दीवाला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गुरदयाल सैनी 22.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुरदयाल सैनी | 25,43760.3% | |
| 2 | लाल चन्द सुबेरवाल Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 15,88437.7% |
| 3 | लाल चन्द पुत्र राखा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4631.1% |
| 4 | देवियानी सती ILP | ILP | 1730.4% |
| 5 | लाल चन्द पुत्र हरि किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.3% |
| 6 | गुरदयाल पुत्र गिरधारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 950.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJS को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जालंधर उत्तर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट BJS से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 72.3% से बढ़कर 78.1% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।