वल्टोहाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
गुरदीप सिंह (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 27.9% वोट पाकर वल्टोहा सीट जीती और नारायण सिंह (SAD) को 35 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 18 अंबाला कैंट थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 18 अमृतसर मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
वल्टोहा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 35 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुरदीप सिंह | 13,23927.9% | |
| 2 | नारायण सिंह Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 13,20427.8% |
| 3 | हज़ारा सिंह PJP | PJP | 9,84920.7% |
| 4 | अरजण सिंह वाम दल | वाम दल | 7,52215.8% |
| 5 | सैमुअल मल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5343.2% |
| 6 | बूर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1892.5% |
| 7 | दलीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6511.4% |
| 8 | भाग सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3540.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वल्टोहा से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट AD(S) से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 66.0% से बढ़कर 71.0% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।