धर्मकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
लछमन सिंह (PJP) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 53.6% वोट पाकर धर्मकोट सीट जीती और सोहन सिंह (SAD) को 6,387 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 12 मोरिंडा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 12 ब्यास है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लछमन सिंह PJP | PJP | 29,12953.6% |
| 2 | सोहन सिंह Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 22,74241.9% |
| 3 | भारद्वाज | 1,8043.3% | |
| 4 | मुख्तियार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6521.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
PJP और SAD को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धर्मकोट से कौन जीता, 1967–1972
PJP ने यह सीट AD(S) से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 68.2% से बढ़कर 80.3% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट SAD ने जीती।