हांसीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
टेक राम (SOC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 27.4% वोट पाकर हांसी सीट जीती और सरूप सिंह (INC) को 2,086 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 62 जीरा थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 62 जगरांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। टेक राम 3.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | टेक राम SOC | SOC | 16,45627.4% |
| 2 | सरूप सिंह | 14,37023.9% | |
| 3 | गुगन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 9,45415.7% |
| 4 | अमर चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 7,54012.5% |
| 5 | राम देव | 7,37212.3% | |
| 6 | उदयवीर सिंह वाम दल | वाम दल | 1,9423.2% |
| 7 | बाबू नन्द | 1,6872.8% | |
| 8 | राम सरन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 9341.6% |
| 9 | कृष्ण चन्द्र स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 3940.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।