रादौरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
रण सिंह (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 40.5% वोट पाकर रादौर सीट जीती और ओम प्रकाश (BJS) को 1,597 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 22 घरौंडा थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 22 जंडियाला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। रण सिंह 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रण सिंह | 18,09240.5% | |
| 2 | ओम प्रकाश | 16,49536.9% | |
| 3 | सुन्दर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8996.5% |
| 4 | राम दिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8144.1% |
| 5 | शिव लाल स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 1,5603.5% |
| 6 | भरतू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2202.7% |
| 7 | बाल मुकंद REP | REP | 1,1152.5% |
| 8 | मारू निर्दलीय | निर्दलीय | 7941.8% |
| 9 | नंदी किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 6991.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।