पटियालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
राम प्रताप (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 41.4% वोट पाकर पटियाला सीट जीती और बसंत सिंह (SWA) को 260 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में कोई सीट नंबर 144 नहीं थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से कोई सीट नंबर 144 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पटियाला का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 260 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम प्रताप | 18,62441.4% | |
| 2 | बसंत सिंह स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 18,36440.8% |
| 3 | तेज राम | 5,83513.0% | |
| 4 | प्यारे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7771.7% |
| 5 | भागवत स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 6141.4% |
| 6 | किरण वीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4220.9% |
| 7 | बानू राम SOC | SOC | 2090.5% |
| 8 | हरबंस सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SWA और BJS को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।