दसूहाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
करतार सिंह (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 47.7% वोट पाकर दसूहा सीट जीती और जगजीत सिंह (निर्दलीय) को 397 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में कोई सीट नंबर 132 नहीं थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से कोई सीट नंबर 132 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
दसूहा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 397 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | करतार सिंह | 22,80347.7% | |
| 2 | जगजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 22,40646.8% |
| 3 | शिव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9482.0% |
| 4 | भगत सिंह स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 7561.6% |
| 5 | चन्नण राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6821.4% |
| 6 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।