टांडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
चन्नण सिंह (CPI) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 34.9% वोट पाकर टांडा सीट जीती और सरूप सिंह (निर्दलीय) को 3,536 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 53 टोहाना है।
विजेता
11.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्नण सिंह | 10,71634.9% | |
| 2 | सरूप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7,18023.4% |
| 3 | शिव सरन सिंह | 7,01922.9% | |
| 4 | बलदेव मित्तर SP | SP | 2,1136.9% |
| 5 | उधम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0876.8% |
| 6 | बख्शीश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4041.3% |
| 7 | प्रकाश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4011.3% |
| 8 | संगत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3251.1% |
| 9 | शंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2690.9% |
| 10 | सोहन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।