शिमलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
सोम दत्त (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 38.7% वोट पाकर शिमला सीट जीती और बसंत राय दत्त (SP) को 3,726 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 43 रेवाड़ी है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सोम दत्त 22.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोम दत्त | 6,34638.7% | |
| 2 | बसंत राय दत्त SP | SP | 2,62016.0% |
| 3 | सी. राय | 2,60715.9% | |
| 4 | जोगिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,64610.1% |
| 5 | देस राज निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3738.4% |
| 6 | ठा दुर्गा दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3118.0% |
| 7 | परमा नन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2251.4% |
| 8 | गायेन चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.8% |
| 9 | अवतार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 870.5% |
| 10 | जय लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 350.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।