चंडीगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
जगत नारायण (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर चंडीगढ़ सीट जीती और संत राम (निर्दलीय) को 10,080 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 41 गुड़गांव है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जगत नारायण 32.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगत नारायण | 13,45044.0% | |
| 2 | संत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,37011.0% |
| 3 | वख्तावर सिंह SP | SP | 2,9929.8% |
| 4 | वीरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8089.2% |
| 5 | दस्सुंधा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0046.5% |
| 6 | मोहिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7345.7% |
| 7 | इन्द्रजीत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6115.3% |
| 8 | रघबीर सरन | 8592.8% | |
| 9 | बाल किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 6002.0% |
| 10 | सुन्दर निर्दलीय | निर्दलीय | 4991.6% |
| 11 | टेक चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3491.1% |
| 12 | विलायती राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.5% |
| 13 | नानक राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।